रक्षाबंधन कब मनायें (राखी बाँधने का मुहूर्त) आज ही ले अपना निर्णय

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रक्षाबंधन कब मनायें (राखी बाँधने का मुहूर्त) आज ही ले अपना निर्णय : श्रावणी एवं रक्षाबंधन कब मनाये आज ही ले अपना निर्णय दिनांक- 11-08-2022 दिन गुरुवार को मुंबई में पूर्णिमा सुबह 10 बजकर 39 मिनट पर प्रारंभ होकर दूसरे दिन 12- 08-2022 शुक्रवार को 07 बजकर 05 मिनट रहेगी।दूसरे दिन शुक्रवार को पूर्णिमा 03 मुहूर्तव्यापिनी नहीं है।अतः पूर्णिमा 11-08-2022 गुरुवार को ही मान्य होगी।

गुरुवार को विष्टि(भद्रा) सुबह 10 बजकर 39 मिनट से प्रारंभ होकर रात्रि 08 बजकर 51 मिनट तक है।

भद्रायां द्वे न कर्तव्ये श्रावणी फाल्गुनी तथा शास्त्रों में श्रावणी, रक्षाबंधन एवं होलिका दहन भद्रा में विशेष रूप से वर्जित है।

भद्रादिदोषपरिहारः —-

दिवा भद्रा यदा रात्रौ रात्रि भद्रा यदा दिने।
न तत्र भद्रादोषस्तु सा भद्राभद्रदायिनी।।

अर्थ :- दिन की भद्रा यदि रात्रि में और रात्रि की भद्रा दिन में समाप्त होती है तो भद्रा दोष नहीं होता है और भद्रा कल्याणकारी हो जाती है।

विष्टि(भद्रा) अंगारकश्चैव व्यतिपातश्च वैधृतिः।
प्रत्यरिः जन्म तारा च मध्याह्नात् परतः शुभाः।।

अर्थ :- भद्रा,अंगारक,व्यतिपात,वैधृति और प्रत्यरि जन्म तारा दोपहर के बाद शुभ हो जाती है।

 गुरुवार की भद्रा मंगलकारी होती है।

श्रावणी उपाकर्म व रक्षा बन्धन का निर्णय :- सुप्रसिद्ध धर्म ग्रन्थों निर्णय सिन्धु,धर्म सिन्धु,पुरुषार्थ चिन्तामणि,कालमाधव,निर्णयामृत आदि के अनुसार दिनांक 12 अगस्त को पूर्णिमा तिथि दो मुहूर्त से कम होने के कारण दिनांक 11 अगस्त को ही श्रावणी उपाकर्म व रक्षा बन्धन शास्त्र सम्मत हैं ।

भद्रा निर्णय :-

मुहूर्त चिन्तामणि 1/45 के अनुसार मकर राशि के चन्द्रमा में भद्रा वास पाताल में होने से इस दिन मकरस्थ चन्द्रमा की भद्रा को पीयूषधारा,मुहूर्त गणपति,भूपाल बल्लभ,आदि ग्रन्थों में अत्यन्त शुभ व ग्राह्य बताया गया है (देखिए वृहद् दैवज्ञ-रंजन 26/40) फिर मुहूर्त प्रकाश में तो स्पष्ट ही कहा है कि आवश्यक कार्य में मुख मात्र को छोड़कर सम्पूर्ण भद्रा में शुभ कार्य कर सकते हैं । भद्रा का मुख सायं 5:51 बजे से प्रारम्भ हो रहा है अतः पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ प्रातः 10:39 बजे से सायं 05:51 बजे तक का सम्पूर्ण समय श्रावणी उपाकर्म व रक्षा बन्धन के लिए पूर्णरूपेण शुद्ध हैं ।

रक्षाबंधन कब मनायें (राखी बाँधने का मुहूर्त)  राजकीय अवकाश व व्यवहारिक पक्ष के अनुसार :-

भारत सरकार द्वारा मूर्धन्य विद्वानों की अनुशंसा पर रक्षाबंधन कब मनायें (राखी बाँधने का मुहूर्त) 11अगस्त को रक्षाबंधन का राजकीय अवकाश घोषित किया गया है ।अतः पूरे विश्व में 11 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व प्रातः 10:39 बजे से सायं 05:51 बजे तक नि:शंकोच होकर मनायें भद्रा का कोई दोष नहीं है। किसी भी हालत में पर्व दो दिन न हो यह प्रयास करें ।

निर्णयामृत धर्म ग्रन्थ के अनुसार :-

 श्रावणी उपाकर्म (जनेऊ धारण) भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा व धनिष्ठा नक्षत्र में नहीं हो सकता है इस कारण भी 11 अगस्त को ही प्रातः 10:39 से सायंकाल 05:51 के मध्य सम्पूर्ण समय उपाकर्म व जनेऊ धारण के लिए शुभ है यहाँ भी पूर्ववत् भद्रा का कोई दोष नहीं है ।

 06- निर्णय का सार :- दिनांक 11 अगस्त 2022 को प्रातः 10:39 बजे से सायं 05:51 बजे तक बिना किसी संकोच के श्रावणी उपाकर्म (जनेऊ धारण) व रक्षाबंधन निःशंकोच मनायें तथा पर्वों की एकरूपता बनाये रखें ।

*यही शास्त्रोक्त मत है।

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